अगर पेट टाइट हो तो क्या करें?HealthPlanet

Posted on Fri 3rd Feb 2023 : 15:33

ये क‍िसी बीमारी या गलत आदत के चलते भी हो सकता है। कुछ लोगों को इंडाइजेशन, कॉन्‍सट‍िपेशन, खाने की गलत आदतों के चलते ऐसी समस्‍या होती है। पेट की इस समस्‍या को हल्‍के में न लें क्‍योंक‍ि ये पेट से जुड़ी कई बीमार‍ियों का कारण भी हो सकता है। खाने के बाद पेट भरा हुआ लगना आम बात है। लेक‍िन अगर रोजाना पेट फुल और टाइट लगे तो उसके पीछे कोई कारण हो सकता है। स्‍ट्रेस, ईट‍िंग हेबिट, लाइफस्‍टाइल आदतें भी टाइट और फुल पेट का कारण हो सकता है। डाइजेशन और हॉर्मोन्‍स में गड़बड़ी के चलते भी ये परेशानी हो सकती है। इस समस्‍या से बचने के ल‍िए रोजाना 40 म‍िनट वॉक करें, कसरत करें

ट टाइट और फुल होने के कारण (Causes of Full and Tight Stomach)

पेट फुल और टाइट होने का कारण खराब लाइफस्‍टाइल, ईट‍िंग पैटर्न और डाइट हो सकती है। कुछ केस में मेड‍िकल कंडीशन के कारण भी ऐसा होता है। चल‍िए जानते है पेट टाइट और फुल होने के कुछ मुख्‍य कारण-

1. ईट‍िंग हैबिट्स (Eating Habits)

हम ज‍िस तरह खाना खाते हैं उसका सीधा असर हमारे पेट पर पड़ता है। अगर आप बहुत जल्‍दी खाना खाते हैं या ओवरईट‍िंग करते हैं तो आपको पेट फुल और टाइट लग सकता है। इसके अलावा अगर आप खाते समय स्‍ट्रेस लेते हैं तो भी आपको पेट भरा हुआ लग सकता है। कुछ तरह के फूड्स को खाने से पेट में सूजन होती है और उससे भी पेट भरा हुआ लगता है। ऐसे फूड्स में हाई फाइबर फूड जैसे बीन्‍स, प्‍याज, गोभी, कार्बोनेटेड ड्रिंक्‍स शाम‍िल हैं। अगर खाने के कारण आपको पेट भरा हुआ लगता है तो आप-

खाना धीरे-धीरे खाएं।
जब पेट भर जाए तो खाना छोड़ दें।
बॉडी में पानी की कमी न होने दें।
रोजाना कसरत करें।
धूम्रपान तुरंत छोड़ दें।

2. इंडाइजेशन (Indigestion)

इंडाइजेशन यानी अपच के कारण भी पेट भरा हुआ और टाइट फील होता है। इंडाइजेशन होने पर पेट पर दर्द या जलन, खाना खाते समय जल्‍दी पेट भर जाना, पेट में गुड़गुड़ होना, गैस होना आद‍ि परेशानी होने लगती है। कभी-कभी इंडाइजेशन होना आम बात है पर अगर ये समस्‍या आपको ज्‍यादा होती है तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। इंडाइजेशन कई और कारणों से होता है जैसे-

स्‍ट्रेस लेना।
धूम्रपान करना।
कैफीन लेना।
एल्‍कोहॉल लेना।
कार्बोनेटेड ड्रिंक्‍स पीना।
बहुत तेज खाना।

3. कॉन्‍सट‍िपेशन (Constipation)

फुल और टाइट पेट का कारण कॉन्‍सट‍िपेशन भी हो सकता है। कॉन्‍सट‍िपेशन तब होता है जब आप हफ्ते में तीन बार से कम पेट साफ करो। इससे एब्‍डॉम‍िन में भरा हुआ महसूस होता है। फाइबर ज्‍यादा लेने से, पानी पीने से और कसरत करने से आप कॉन्‍सट‍िपेशन से बच सकते हैं। कॉन्‍सट‍िपेशन होने पर-

पेट साफ करने में परेशानी होती है।
हॉर्ड और ड्राय स्‍टूल होता है।
पेट पूरी तरह से साफ नहीं होता।


अगर आपको पेट टाइट और फुल रहने की समस्‍या बनी हुई है तो ये पेट से जुड़ी बीमार‍ियों का लक्षण भी हो सकता है, आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ बीमार‍ियों के बारे में-

1. गैस्‍ट्रोइसोफेगल र‍िफ्लक्‍स ड‍िसीज (Gastroesophageal reflux disease)

अगर व्‍यक्‍त‍ि को जल्‍दी-जल्‍दी हॉर्टबर्न की समस्‍या होती है तो उसे गैस्‍ट्रोइसोफेगल र‍िफ्लक्‍स ड‍िसीज (GERD) हो सकती है। इस बीमारी में अपर एब्‍डॉम‍िन या छाती में जलन, मुंह से बदबू आना, खाना गुटकने में परेशानी होना, सांस लेने में परेशानी होने जैसी श‍िकायत होती है।

2. गैस्‍ट्रोपैर‍ेस‍िस‍ (Gastroparesis)

इस बीमारी में पेट से खाना छोटी आंत में नहीं जाता और व्‍यक्‍ति को पेट भरा हुआ महसूस होता है। इस बीमारी के लक्षण हैं पेट जल्‍दी भर जाना, उल्‍टी होना, पेट में सूजन होना, अपर एब्‍डॉम‍िन में पेन होना, भूख न लगना आदि।

3. इर‍िटेबल बॉउल स‍िंड्रोम (Irritable bowel syndrome)

फुल और टाइट पेट का कारण ये स‍िंड्रोम भी हो सकता है ज‍िसमें पेट में सूजन की श‍िकायत के साथ एब्‍डॉमि‍नल क्रैम्‍प्स, डायर‍िया, कॉन्‍सट‍िपेशन, ठीक से पेट साफ न होने की श‍िकायत होती है।

इर‍िटेबल बॉउल स‍िंड्रोम (IBS) उन लोगों को भी हो सकता है ज‍िन्‍हें स्‍ट्रेस या ड‍िप्रेशन रहता है।

4. पेट का अल्‍सर (Stomach ulcers)

बैक्‍टीर‍िया के कारण पेट की लाइनिंग खराब हो जाती है और पेट में अल्‍सर की समस्‍या हो जाती है। पेट टाइट या फुल लगना, पेट में अल्‍सर के लक्षण भी हो सकते हैं। इस बीमारी में अपर स्‍मॉल इंटेस्‍टाइन में ट्यूमर ग्रो करने लगता है। पेट में अल्‍सर होने के कारण उल्‍टी, वजन कम होना, भूख न लगना जैसे लक्षण हो सकते हैं।


अगर आप इस समस्‍या से बचना चाहते हैं तो रोजाना कम से कम 40 म‍िनट चलें। खासकर हर मील के बाद आपको 30 म‍िनट चलना चाह‍िए।
इसके अलावा आपको फैट कम करना चाह‍िए और अपनी डाइट में फाइबर जैसे फल और सब्‍ज‍ियां एड करना चाह‍िए।
आपको बड़े मील खाने की जगह द‍िनभर में पांच छोटे मील खाने चाह‍िए।
कॉर्बोनेटेड ड्रिंक और एल्‍कोहॉल पूरी तरह से अवॉइड करें, इससे पेट में गैस हो सकती है।
खाने के तुरंत बाद ब‍िल्‍कुल न लेटें, खाने और सोने के बीच कम से कम 4 से 5 घंटों का गैप होना चाह‍िए।

अगर आपको जल्‍दी-जल्‍दी पेट फुल या टाइट लगता है तो आपको च‍िक‍ित्‍सा सहायता की जरूरत पड़ सकती है। आपको इस समस्‍या का सही हल डॉक्‍टर ही बता सकते हैं, हर इंसान में बीमारी या समस्‍या के लक्षण अलग होते हैं इसल‍िए डॉक्‍टर से संपर्क करने में देरी ब‍िल्‍कुल भी न करें

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